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ढीठ.. !!!!

जो तू अड़ियल, तो मैं भी ढीठ  बड़ी !
जो तू सामन्त, तो मैं  भी सैठ  बड़ी !!
मत कर जतन उलझाने की मुझे !
जीतेगी तो तुझसे मेरी ऐंठ  बड़ी !!

Comments

  1. आपकी कवितायें सहजता से गंभीर बातें कहती हैं

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