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माँ...!!!

माँ ...

मै तो तेरी बेटी हूँ ....माँ ......

फिर क्यों नही तू मुझको   समझती.....माँ ...

तेरी गोदी में सिर रख के सोना चाहती  हूँ ....माँ...

एक बार तो मेरे सिर पे हाथ रख दो .... माँ...

मुझे कोई सुख नही चाहिये...और न हीं कोई हँसी...

मुझे तो बस दुःख की इच्छा है ... ...माँ......

जिससे  तू  मेरे साथ  रहेगी न ....माँ.....

बस एक बार तो प्यार से पुकार लो..... माँ....

एक बार तो मुझसे बाते कर लो ..... माँ....

एक बच्चे की  तरह तुझसे लिपटना चाहती हु... माँ...

एक बार  तो अपने हाथ बड़ा लो ..... माँ.....

मैं कब से  तेरा रास्ता देख रही हूँ ... माँ...

मेरे कदम अपनी और ले लो..... माँ.....

...माँ.....

Comments

  1. ma
    aap to ma ki hi beti ho
    ma hi to hai jo apko samajhti hai
    ma ki god hai apka bistar kabhi dhyan dena
    ma ka hath hamesa apke sir pe hota hai
    sukh ho ya dukh ya ho apki hasi
    in sab me apke sath hoti hai ma
    in sab me ashirwad deti hai sirf ma
    ma ne hamesha tumhe pukara hai kabhi duniya ki awaj ko bhula ke ma ki awaj dhundne ki koshis karo
    ma ko liptane ke liye chah ki jarurat nai ma khud apko apni bachi jaise lipta ke rakhti hai
    maa ka hath hamesha apki or hai jarurat hai to sirf use pakadene ki mehanat karne ki
    raste dekhna chod kar maa ko niharo dekho wo apka intezar kab se kar rahi hai
    itani mehanat aap karo ma se milne ko apne kadam ma ki badao
    or badane ki himmat khud to dikhao

    ~~Maa ka ashirwad hamesha apke sath hai~~
    kabhi kisi roop me kabhi kisi roop me

    jarurat hai to sirf use pahachanne ki

    ~~GOD BLESS YOU~~
    JAI MATA KI

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  2. maa se badhker kuch nahi, ishwar ka doosra naam maa

    ReplyDelete
  3. वाह ! बेहद खूबसूरती से कोमल भावनाओं को संजोया इस प्रस्तुति में आपने ...

    ReplyDelete

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