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आंसू और मुस्कान.....!!!

आज हवा को पिंजरे में कैद कर लिया मैंने आज खुशबू को मिटटी में बिखेर दिया मैंने... करनी थी चाँद से दो बात.... तो आज चाँद को भी पानी मैं उतार लिया मैंने... यूँ चले रहो में.. की आज रास्ते ने खुद ही अपने कदम बढा लिए. देखा राह को मंजिल के साथ ... तो आज मंजिल को अपने कदमो से बांध लिया मैंने यूँ आज आहट थी सुबाह.. एक ही दस्तक से दरवाजे खोल दिए... देखा खुशियों को सुबाह के हाथ... तो आज खुशियों से दिल को सजा लिया मैंने... यूँ ढूंडा था जिसे मेने बरसो तक.. उसने आज खुद ही अपने हाथ बड़ा दिए.. देखा ख़ुशी को उसकी ख़ुशी के साथ .... तो आज आंसू और मुस्कान को साथ पा लिया मेने.. Be Happy Always.....  :-)

ख़ुशी.......!!!!

बंजर मिटटी को बारिश की बूंदों से ख़ुशी... बारिश की बूंदों को बादल की ओट से ख़ुशी... ख़ुशी आँखों को उसके सपनो से... सपनो को चैन  की नींद से ख़ुशी..... भक्त को उसके भगवान से ख़ुशी... भगवान  को भक्त की भक्ति से ख़ुशी..... ख़ुशी होटों को मुस्कराहट से... मुस्कराहट को होटों के खिलने से ख़ुशी.... माँ को अपने बच्चे के खिलखिलाने से ख़ुशी... बच्चे को अपनी  माँ के आंचल से ख़ुशी... ख़ुशी कदमो को मंजिल के पाने से... मंजिल को कदमो के पाने से ख़ुशी.. प्यार में किसी को सताने से ख़ुशी... सता कर फिर मानाने से ख़ुशी... ख़ुशी किसी के  आसुओं  को पौछ्ने से... आसुओं को बहकर हसने से ख़ुशी... किसी गिरते हुए को सहारे से ख़ुशी.... किसी सहारे को सँभालने से ख़ुशी...... ख़ुशी मुश्किलों को पार कर जाने से.... मुश्किलों को हराकर आगे बढ जाने से ख़ुशी..... गरीब को रोटी के टुकरे से ख़ुशी..... रोटी को गरीब की भूक मिटाने से ख़ुशी...... ख़ुशी खुशियों को हासिल कर जाने से..... खुशियों को गम हारकर जीत जाने से ख़ुशी... Keep Smiling 

मैं ही क्यों .........!!!!!

मैं ही क्यों सबके सामने झुकू... मैं ही क्यों हर बार अपनी जिम्मेदारी निभाऊ...... मैं ही क्यों हर बात के लिए खुद को  कोसु..  मैं ही क्यों हर बार त्याग करू... क्या बेटी का मन नहीं होता.... अपनी इच्छा को सबके सामने रखने का.. या फिर उसका हक़ नहीं होता... अपने सापको को पूरा करने का.... मैं ही क्यों... अपनी इच्छाओ का गला घोटू.. मैं ही क्यों... अपने सपनो को पूरा होने से रोकू... मेरा कुछ बोलना लोग बगावत समझते है... अगर कुछ मांगू तो खिलाफत समझते है... क्यों मुझे ही समाज के नाम पे दबाया जाता है... क्यों मेरी भावनाओ को मिटाया जाता है..... मैं ही क्यों खुद को समाज की भट्टी में झोकू.. मैं ही क्यों अपनी भावनाओ को रोंदू..... मैं ही क्यों .........!!!!! Stop Domestic Violence Against Women 

माँ...!!!

माँ ... मै तो तेरी बेटी हूँ ....माँ ...... फिर क्यों नही तू मुझको   समझती.....माँ ... तेरी गोदी में सिर रख के सोना चाहती  हूँ ....माँ... एक बार तो मेरे सिर पे हाथ रख दो .... माँ... मुझे कोई सुख नही चाहिये...और न हीं कोई हँसी... मुझे तो बस दुःख की इच्छा है ... ...माँ...... जिससे  तू  मेरे साथ  रहेगी न ....माँ..... बस एक बार तो प्यार से पुकार लो..... माँ.... एक बार तो मुझसे बाते कर लो ..... माँ.... एक बच्चे की  तरह तुझसे लिपटना चाहती हु... माँ... एक बार  तो अपने हाथ बड़ा लो ..... माँ..... मैं कब से  तेरा रास्ता देख रही हूँ ... माँ... मेरे कदम अपनी और ले लो..... माँ..... ...माँ.....

अच्छा लगता है........!!!!!

अच्छा लगता है तुमसे कुछ कहना... तुम्हारी बातो को सुनना... तुम्हे सोचते हुए ... आंखे बंद कर लेना..... फिर मुस्करा देना..... अच्छा लगता है........ हवा जब गुजरती है .. कानो से.. तो तुम्हे सोच लेती हूँ ..... की तुमने कुछ कहा है धीरे से...... उस हवा की फुसफुसाहट को सुनना... अच्छा लगता है........ अकेले चलते हुए तुम्हे सोच लेती हूँ..... की अगले ही पल तुम आओगे ... और मेरा हाथ थाम के मेरे साथ चलोगे........ तुम्हारी सोच के साथ चलना...... अच्छा लगता है........... भूल जाती हूँ मैं की उदासी भी कोई चीज होती है... तुम्हे सोच कर गिरते हुए भी संभल जाती हूँ मैं.. तुम्हारी सोच में लगता है .. जैसे अनजानी सी खुसी मेरे पास है... उस ख़ुशी को महसूस करना..... अच्छा लगता है.........

रौशनी........!!!!!!!

सोचा आज के चलो.... सूरज की रौशनी में खुद को भिगो देते है..... आँखों को आज खुशियों से डुबो देते है.... फेला के अपने दोनों हाथ .. खड़े हो गये... उसे देखने को... की कब उसकी नजर हम पर पड़ेगी... और मेहरबान होकर मुझ पर बरसेगी... हाथो को तैयार रखा था.. मुट्ठी में बदलने को... उसकी रौशनी को ... समेटने को..... आंखे बंद किये खड़े थे इंतजार में ..... की..... एक अंधियारी सी महसूस हुई. जब देखा तो एक बादल.... मेरी खुशियों के बीच आ चूका था ..... और एक ही पल में .... बरस पड़ा मुझ पर..... उसके पानी में ही मेरे आसू भी बह गये... और हम वही पर तरसे से ही रह गये..... हमारी किस्मत में एक रौशनी भी नसीब नहीं ..... हम फिर उसी अँधेरी राह पे गुम होके चल दिए.....

Request .........!!!!

our country has around 25 million orphans out of 135 millions orphans in whole world...These children live their life without love and proper care.....Future of our country living without support and without  good upbringing... if you capable to parent 2nd child... than please adopt a child... your this step can change whole life of someone...than and give your contribution to make country strong... Please think about it for a while.... its my extremely Request to all of you Thanks.