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एक सवाल ?????????



Boys बहुत conscious होते है अपनी sisters के लिए. वो कभी नहीं चाहते की उनकी sister किसी boy से बात करे.... पर जब बात किसी और की sis की आती है तो वो ये उम्मीद क्यों करते है उनकी colleague या classmate उनके लिए open हो ??????

Comments

  1. बहुत सुन्दर प्रस्तुति!
    आपकी इस उत्कृष्ट प्रविष्टी की चर्चा कल रविवार (05-08-2012) के चर्चा मंच पर भी होगी!
    सूचनार्थ!

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  2. That is human thinking .. . . . . . . Jise badlna hoga . . . . . . Que. Acha hai ,

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निश्चय..!!

प्रारंभिक भोर में लिया दृढ़ निश्चय,

शंध्या आते विफलता की चौखट लांघ लेता है.!!

प्रतिबिम्ब सा मन ओज से भरा,

परिस्तिथियों से तल्लीन खुद को अधीन बना लेता है। !!

मैं ही क्यों .........!!!!!

मैं ही क्यों सबके सामने झुकू...

मैं ही क्यों हर बार अपनी जिम्मेदारी निभाऊ......

मैं ही क्यों हर बात के लिए खुद को  कोसु.. 

मैं ही क्यों हर बार त्याग करू...




क्या बेटी का मन नहीं होता....

अपनी इच्छा को सबके सामने रखने का..

या फिर उसका हक़ नहीं होता...

अपने सापको को पूरा करने का....

मैं ही क्यों... अपनी इच्छाओ का गला घोटू..

मैं ही क्यों... अपने सपनो को पूरा होने से रोकू...



मेरा कुछ बोलना लोग बगावत समझते है...

अगर कुछ मांगू तो खिलाफत समझते है...

क्यों मुझे ही समाज के नाम पे दबाया जाता है...

क्यों मेरी भावनाओ को मिटाया जाता है.....

मैं ही क्यों खुद को समाज की भट्टी में झोकू..

मैं ही क्यों अपनी भावनाओ को रोंदू.....

मैं ही क्यों .........!!!!!


Stop Domestic Violence Against Women 


दुविधा...!!!!

मन ऐसो मेलन भरा, ते तन सुच्चो कैसो कहाय ...!
जे सोचु हरी ते पाप हरे, ते पूजन न सुहाय ...!!
ऐसो दुविधा सांस लगी, न निति कोई सुझाय ...!
तर जाऊ मैं पाप ते, या खुद ने देउ डुबोय ....!!